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डिग्रियां बिकती hindikavita बदल ज़रा समय इंसान स्वार्थी मेरे मन का पहाड़ पहाड़ की छांव में गया खुदा भरोसा बदल गया इंसान अब गांव जमाना लुटे सरेआम बुरा समय हिन्दीकविता जाएगा collegewritingchallenge पहाड़ की व्यथा

Hindi समय बदल गया Poems